पाकिस्तान में परमाणु धमकी देने वालों को बिलावल भुट्टो ने लताड़ा! ‘सिंधु जल विवाद’ पर भारत के खिलाफ गीदड़भभकी देने पर अपनी ही सरकार को घेरा

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान-भारत के बीच तनाव अब भी बरकरार है. पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और PPP प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने सिंधु जल संधि विवाद को लेकर भारत को परमाणु चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान के जल अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास राष्ट्रीय अस्तित्व पर खतरा माना जाएगा. पाकिस्तान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बिलावल ने ये सब बातें कही.
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-जरदारी ने सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने को लेकर भारत को नई धमकी दी है.
पाकिस्तान का सिंधु जल संधि को लेकर अभी भी रोना धोना जारी है. भारत की ओर से सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है. बिलावल भुट्टो-जरदारी ने सिंधु जल विवाद को लेकर भारत को परमाणु हथियारों की धमकी दी है.
पाकिस्तान पहले इस समझौते को बहाल करने के लिए भारत से गुहार लगाई. पाकिस्तान के सांसद-मंत्री और बड़े-बड़े नेता दुनिया के अलग-अलग मंचों पर संधि को बचाने के लिए गिड़गिड़ा भी रहे हैं और धमकी भी दे रहे हैं. पाकिस्तान इस मुद्दे पर टोटली कंफ्यूज हो गया है.
बिलावल भुट्टो-जरदारी ने सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने को लेकर इस्लामाबाद में आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में बोलते हुए पाकिस्तान की परमाणु नीति का जिक्र किया है. इसी मुद्दे पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में पाकिस्तान के कई मंत्री, सांसद और अंतरराष्ट्रीय कानून और जल विशेषज्ञ शामिल हुए.

बिलावल ने भारत पर Weaponising Water के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. बिलावल ने आगे कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए कोई सौदेबाजी का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की जीवनरेखा है.
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-जरदारी ने आगे कहा कि परमाणु सिद्धांत (न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन) में कुछ ऐसी परिस्थितियां तय की गई हैं, जिसमें अर्थव्यवस्था या जल संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए खतरा मानी गई.
आपको बताते चले की भारत ने सिंधु नदी का पूरा पानी नहीं रोका है. सच्चाई यही है कि आज भी सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों का जल प्रवाह पाकिस्तान की तरफ जा रहा है. पाकिस्तान की करीब 80 प्रतिशत कृषि सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है, इसलिए इस संधि को वहां बेहद अहम माना जाता है. असल में भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले सपोर्ट सिस्टम को खत्म कर दिया है.



