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जेल में आमने-सामने बिठाकर पूछताछ! शराब घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल, अनवर ढेबर और डड़सेना से ACB-EOW के तीखे सवाल; सिंडिकेट में हड़कंप

शराब और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल से ईओडब्ल्यू-एसीबी की पूछताछ जारी है। शराब घोटाला मामले में रामगोपाल अग्रवाल को उनके अकाउंटेंट देवेंद्र डडसेना और मुख्य आरोपी अनवर ढेबर के सामने बैठाकर पूछताछ की गई। हालांकि रामगोपाल अग्रवाल पूछताछ के दौरान सभी आरोपों से इनकार करते रहे।

बता दें कि तीन साल से फरार रहे प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने 7 जुलाई को ईओडब्ल्यू-एसीबी कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने कोयला घोटाला मामले में उन्हें आठ दिन की रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान रामगोपाल अग्रवाल को सेंट्रल जेल में बंद देवेंद्र डड़सेना के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। देवेंद्र डड़सेना राजीव भवन में अकाउंट का काम देखते थे और उन्हें रामगोपाल अग्रवाल का करीबी माना जाता रहा है।

बताया जा रहा है कि कोयला घोटाले से जुड़े 52 करोड़ रुपये के ट्रांसफर में देवेंद्र डड़सेना की भूमिका रही है। रामगोपाल अग्रवाल और देवेंद्र डड़सेना से करीब तीन घंटे तक संयुक्त पूछताछ की गई, लेकिन रामगोपाल किसी भी तरह की राशि के ट्रांसफर से लगातार इनकार करते रहे। जांच एजेंसी का दावा है कि रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से कोयला, शराब और कस्टम मिलिंग घोटालों से जुड़े करीब 800 करोड़ रुपये इधर-उधर ट्रांसफर किए गए। हालांकि रामगोपाल अग्रवाल इन सभी आरोपों को खारिज कर रहे हैं।

शराब कारोबार में 3,400 करोड़ का हुआ है घोटाला

कोयला घोटाला मामले में रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद ईओडब्ल्यू-एसीबी ने उन्हें शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में वे फिलहाल पांच दिन की रिमांड पर हैं। रविवार को जांच एजेंसी रामगोपाल अग्रवाल को सेंट्रल जेल ले गई, जहां शराब घोटाला मामले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर के सामने बैठाकर पूछताछ की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।

कस्टम मिलिंग घोटाला में भी हो सकती है गिरफ्तारी

जांच एजेंसी का आरोप है कि शराब घोटाले का पैसा अनवर ढेबर के माध्यम से रामगोपाल अग्रवाल और अन्य लोगों तक पहुंचता रहा। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल ने इस दौरान भी अपने माध्यम से किसी भी राशि के लेन-देन से इनकार किया। ईओडब्ल्यू-एसीबी रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद बुधवार 22 जुलाई को रामगोपाल अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश करेगी। चर्चा है कि जांच एजेंसी उन्हें कस्टम मिलिंग घोटाला प्रकरण में भी गिरफ्तार कर विशेष अदालत से फिर रिमांड की मांग कर सकती है। ED भी कई मामलों में रामगोपाल की कस्टोडियल रिमांड ले सकती है।

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