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मिडिल ईस्ट में फूटा महा-युद्ध! अमेरिकी हमले से भड़के ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर दागीं सैकड़ों मिसाइलें; थर्रा उठी पूरी खाड़ी

US-Iran War Live Updates: अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है। लगातार तीसरी रात (सोमवार) को भी अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास, किश द्वीप, बुशहर प्रांत के जम शहर और क़ेश्म द्वीप पर हमला कर ड्रोन-मिसाइल ठिकाने को तबाह कर दिया। वहीं ईरान ने भी जोरदार जवाबी कार्रवाई की है। ईरान खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। आईआरजीसी (IRGC) जॉर्डन, बहरीन, कुवैत (Jordan, Bahrain, Kuwait) पर ताबड़तोड़ हमला कर पूरे मिडिल ईस्ट (Middle East) को धुआं-धुआं कर दिया।

 

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी (IRGC) ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। हालांकि कई मिसाइलें बीच रास्ते में ही रोक दी गईं।

जबकि ईरान की आईआरजीसी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास यूएई (UAE) के दो ऑयल टैंकरों पर मिसाइल हमला। ईरान के हमले में भारतीय नाविक की मौत हो गई। जबकि छह भारतीयों समेत आठ चालक दल के सदस्य घायल हो गए। तेल टैंकर्स पर हुए हमले के बाद यूएई भड़क गया हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जबकि ईरान का दावा है कि जहाजों को केवल चेतावनी देने के लिए कार्रवाई की गई थी।

बहरीन में फिर से हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया है और पूरे देश में फिर से सायरन गूंज रहे हैं। साथ ही गृह मंत्रालय ने लोगों से तुरंत सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की है।

डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान के साथ हुआ MoU सिर्फ एक टेस्ट था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) को सिर्फ एक ‘टेस्ट’ बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस परीक्षा पर खरा नहीं उतरा और समझौते का सम्मान नहीं किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें सीधे अंतिम समझौते पर जाना पसंद होता।

US हवाई हमलों से दहले ईरान के कई शहर

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सोमवार को ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई हमले किए गए। इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाना और होर्मुज स्ट्रेट में आम नागरिकों और कॉमर्शियल जहाजों पर हमले करने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। सेना के अनुसार, ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर उसकी हमला करने की क्षमता को लगातार कमजोर किया जा रहा है। वहीं, ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी हमलों के बाद बंदर अब्बास, किश द्वीप, बुशहर प्रांत के जम शहर और क़ेश्म द्वीप में कई जोरदार धमाके सुनाई दिए।

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