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छत्तीसगढ़ में नीट विवाद पर संग्राम! सड़कों पर भिड़े बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ता; पुलिस का बड़ा एक्शन, पानी की बौछार और आंसू गैस से मची भगदड़

नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन का असर प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है. राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता के बीच झूमा-झटकी की नौबत आ गई है, पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए आंसू गैस छोड़ने के साथ तेज पानी की बौछार की.

राजधानी रायपुर में दिल्ली में नीट पेपर लीक के मामले में राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के प्रधानमंत्री आवास के सामने मंगलवार रात किए गए प्रदर्शन का असर आज देखने को मिला. एक तरफ जहां भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने का मामला बताते हुए कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन की ओर कूच किया. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने राहुल और प्रियंका के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर की ओर कूच किया.

पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए पहले ही योजना बनाते हुए शंकर नगर में बैरिकेडिंग कर कांग्रेस को रोकने की योजना बनाई थी. दूसरी तरफ भाजपा कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. राजीव भवन के समक्ष भाजपा के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक समय ऐसा भी आया, जब दोनों पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. यहां पर स्थिति को संभालने पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ-साथ तेज पानी की जबरदस्त बौछार भी की.

नेताओं की प्रतिक्रिया

भाजपा प्रदर्शन को लेकर प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि काँग्रेस का शर्मनाक कृत्य सामने आया है. इनके नेता प्रधानमंत्री आवास के सामने बैठकर अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं. हमारे देश के शीर्ष पद पर बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अपशब्द कहना बेहद शर्मनाक बात है. इसका आक्रोश जनता और कार्यकर्ताओ में है. इसी का विरोध करने हम आज काँग्रेस मुख्यालय की ओर कूच करने निकले हुए है. आंसू गैस दागे जाए चाहे वाटर कैनन चलाया जाए, हमारे नेता मोदी जी के ख़िलाफ अपशब्द सुनने के बाद कार्यकर्ता रुकने नहीं वाले हैं. सरकार संसद में चर्चा को भी तैयार है, लेकिन कांग्रेस निम्न स्तर की राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने कल जैसा आचरण दिखाया है. जिस प्रकार से नियमों को तोड़कर प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठा गया है. राहुल गाँधी ने आंदोलन को भड़काने की कोशिश की है. राहुल गांधी का कृत्य संविधान और लोकतंत्र के विपरीत है. ऐसा आचरण संवैधानिक पद पर रहते हुए व्यक्ति को शोभा नहीं देता है. राहुल गाँधी का कृत्य हमारे देश के लिए दुर्भाग्यजनक है. संसद में विपक्ष चर्चा के लिए भाग रहा है, क्योंकी इनके पास तर्क नहीं है, तथ्य नहीं है. विपक्ष की मानसिकता केवल लोकसभा की कार्रवाई को बाधित करना और देश में अराजकता फैलाना ही है.

कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि काँग्रेस नेता राहुल गाँधी ने संविधान विरोधी हरकत की है, जिसका विरोध पूरा देश कर रहा है. इसी का विरोध हम भी आज करने बैठे हुए है. कॉंग्रेस मुख्यालय का घेराव किया जाएगा.

वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत ने कहा कि जिस प्रकार से नेता प्रतिपक्ष संविधानों की खिलवाड़ उड़ाते हुए, देश में अराजकता फैला रहे हैं. इसकी हम निंदा करते है. इसका विरोध किया जा रहा है. ये भारत नियम सिद्धांत और शांति से चलने वाला देश है. ये देश कॉंग्रेस ले विचारो से चलने वाला देश नहीं है. जिस प्रकार से टुकड़े-टुकड़े में बाँटकर देश के भीतर देश विरोधी गतिविधियों को संजाम दिया जा रहा है. इसे देश की जनता जान चुकी है.

बिलासपुर में विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेसजन.

उधर बिलासपुर में नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेसियों ने बुधवार को नेहरू चौक पर प्रदर्शन किया.

कांग्रेसजन तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन में एकत्रित होकर पदयात्रा करते हुए नेहरू चौक पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर विरोध-प्रदर्शन किया. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर बल प्रयोग किया गया तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी सहित कई सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया.

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