सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर! CJI सूर्यकांत की टिप्पणी पर मचा बवाल तो आई सफाई; मीडिया रिपोर्टिंग पर भड़के, लाइव स्ट्रीमिंग पर रोकी

CJI Surya Kant Clarifies Over CJP Protest Statement: नीट पेपर लीक के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन में पुलिस लाठीचार्ज मामले में याचिका को लिस्ट करने से इनकार करने वाले बान पर सीजेआई सूर्यकांत ने सफाई दी। ‘वक्त बर्बाद मत करिए’ वाले टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह पूरी तरह से झूठा बयान दिया जा रहा है कि याचिका दायर की गई थी और उन्होंने इसे लिस्ट करने से मना कर दिया। मामले में मीडिया ने गलत रिपोर्टिंग की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक रिप्रेजेंटेशन था और लोगों ने बिना सोचे-समझे इसकी रिपोर्टिंग शुरू कर दी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने लाइव स्ट्रीमिंग पर भी रोक लगा दी है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष ऐसी कोई याचिका दायर ही नहीं की गई थी। एक वकील ने केवल एक पत्र लिखा था, जिसका जिक्र कोर्ट में किया गया था। सीजेआई ने इस उल्लेख यानी मेंशनिंग की रिपोर्टिंग को गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह बताया है।
सीजेआई ने नाराजगी जताते हुए कहा, मिश्रा नाम के किसी व्यक्ति ने इसका ज़िक्र किया था। मीडिया ने गलत रिपोर्टिंग की कि मैंने मामले को लिस्ट करने से इनकार कर दिया. यह सिर्फ एक रिप्रेजेंटेशन था और लोगों ने बिना सोचे-समझे इसकी रिपोर्टिंग शुरू कर दी। मैंने रजिस्ट्री से पता किया और कोई भी कागज फाइल नहीं किया गया था। CJI ने सवाल किया कि वे किसी पत्र प्रतिनिधित्व (Representation) को याचिका (Petition) कैसे मान सकते हैं?
CJI ने क्या कहा था
दरअसल दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज का मामला 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में मेंशन हुआ था। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हमें इस केस में कोई रूचि नहीं है। वकील नरेंद्र मिश्रा ने कहा ये मामला नीट पेपर लीक के छात्रों से जुड़ा है। हालांकि इसके बाद भी सीजेआई ने मामले को नहीं सुना। सीजीआई ने लाठीचार्ज के वीडियो देखने से भी मना कर दिया। उन्होंने वकील नरेंद्र मिश्रा से कहा कि हमारे पास टाइम नहीं है। हमारा और अपना समय बर्बाद न करें।



