मुख्य समाचार: पेपर लीक रोकने के लिए केंद्रीय कैबिनेट की बड़ी मंजूरी: फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त जुर्माने का प्रावधान

एंकर लीड:
“नमस्कार। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक और परीक्षा धांधली के खिलाफ सख्त कानून बनाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। आइए देखते हैं यह विस्तृत रिपोर्ट।”
ऑन-स्क्रीन ग्राफिक्स / एल-बैंड:
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📌 विशेष प्रावधान: मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष ‘फास्ट-ट्रैक’ अदालतों का गठन।
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📌 कठोर सजा: संगठित गिरोहों के लिए 10 साल तक की जेल और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रस्ताव।
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📌 दायरा: नीट (NEET), सीयूईटी (CUET), यूपीएससी और रेलवे भर्ती परीक्षाएं शामिल।
विस्तृत रिपोर्ट / वॉइसओवर:
देश भर में हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता लाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक के नए मसौदे को पारित किया है। इस कानून के तहत पेपर लीक में शामिल कोचिंग संस्थानों, प्रिंटिंग प्रेसों और माफिया गिरोहों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।



