अटल जी की पुण्यतिथि पर नमन! अमेरिकी पाबंदियों को धता बताकर कैसे पोखरण में दिखाया था भारत की परमाणु ताकत का दम

आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व पीएम के स्मारक ‘सदैव अटल’ पर पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने राजनीतिक कार्यकाल में पोखरण में परमाणु परीक्षण करके दुनिया को भारत की ताकत दिखाई थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने X पर पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.
पीएम मोदी के पहले अटलजी के समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पर पहुंच कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने श्रद्धांजलि दी. “सरकारें आएंगी-जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी, मगर ये देश रहना चाहिए, देश का लोकतंत्र रहना चाहिए.” पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ये बातें आज भी भारत की राजनीति में देश के प्रति उनकी महान सोच को दर्शाती है.
16 अगस्त 2018 को दुनिया को अलविदा कह चुके अटल जी को याद करते हुए शीर्ष नेतृत्व ने राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को नमन किया.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं. अद्भुत दूरदर्शिता वाले एक असाधारण राजनेता के तौर पर, उन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी X पर पोस्ट कर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की है. अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए अमित शाह ने लिखा है कि उन्होंने परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के जरिए दुनिया को भारत की ताकत दिखाई.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि. अटल जी ने अपने विचारों और कार्यों से भारतीय लोकतंत्र को समृद्ध किया.
वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री बनें. 1996 में 13 दिनों का, 1998-99 में और फिर 1999 से 2004 तक उन्होंने अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा किया. 16 अगस्त 2018 को दिल्ली के एम्स में 93 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था. वाजपेयी का राजनीतिक जीवन देश के कई बड़े और दूरदर्शी फैसलों के लिए जाना जाता रहा है. उनके कार्यकाल में उन्होंने परमाणु परीक्षण ले लेकर ग्रामीण सड़क योजना, टेलीकॉम और शिक्षा के क्षेत्र में कई अहम फैसले लिए.



