न्यायपालिका vs CJP का महा-संग्राम! CJI की नसीहत पर भड़के प्रदर्शनकारी; बोले– ‘ऐसी सोच लोकतंत्र के लिए धब्बा’

छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने तुरंत सुनवाई की मांग खारिज कर दी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रदर्शन से जुड़े मामले में दखल देने से मना कर दिया है. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा, “आप हमारा और अपना समय बर्बाद कर रहे हैं.”
तत्काल सुनवाई से इनकार करने के बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस तेज हो गई है. इस बीच सौरव दास ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं.
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने बुधवार को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग ठुकरा दी.
जिसके बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने बड़े पदों पर बैठे ऐसे लोग हमारे लोकतंत्र पर धब्बा हैं. सूर्यकांत जी को समझना चाहिए कि इतना अहंकार ठीक नहीं है.
याचिकाकर्ता के वकील ने गुरुवार को मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध करते हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा उठाया. जब वकील ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो मौजूद हैं, जिनमें पुलिस द्वारा छात्रों के साथ कथित ज्यादती दिखाई गई है. इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि हमें वीडियो देखने में कोई रुचि नहीं है. हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है.



