भारत का पाकिस्तान को पानी बंद करने का अल्टीमेटम! विदेश मंत्रालय बोला— ‘जब तक बंद नहीं होगा आतंकवाद, तब तक नहीं होगी सिंधु जल संधि पर बात’

भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, वेनेजुएला और बांग्लादेश से जुड़े अहम मुद्दों पर स्पष्ट और कड़ा रुख पेश किया। मंत्रालय ने दोहराया कि सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित रहेगी और इसकी बहाली तभी संभव है जब पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और स्थायी रूप से छोड़ दे।
सिंधु जल संधि पर भारत का स्पष्ट संदेश
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दिए जाने के कारण सिंधु जल संधि फिलहाल निलंबित है। उन्होंने कहा कि भारत का रुख पहले भी स्पष्ट था और आज भी वही है। हाल ही में एक पाकिस्तानी मंत्री द्वारा सिंधु नदी का पानी रोकने वालों को धमकी देने वाले बयान के बाद भारत की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।
अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा
भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए काबुल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अफगान जनता के लिए मानवीय सहायता और विकास परियोजनाएं जारी रखेगा। दवाइयों, राहत सामग्री और विकास कार्यक्रमों के माध्यम से भारत वहां के लोगों की मदद करता रहेगा।
वेनेजुएला में भारतीय नाविक के शव से छेड़छाड़ पर सरकार सख्त
वेनेजुएला में मृत भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव से कथित तौर पर अंग गायब होने के मामले पर भी विदेश मंत्रालय ने गंभीर चिंता जताई। मंत्रालय ने बताया कि यह मामला वेनेजुएला के अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है और निष्पक्ष व त्वरित जांच की मांग की गई है। सरकार ने कहा कि मामले की प्रगति से समय-समय पर अवगत कराया जाएगा।
तीस्ता नदी परियोजना पर भारत की रणनीति बरकरार
बांग्लादेश और चीन के बीच तीस्ता नदी परियोजना को लेकर हुए समझौते पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की विकास सहायता दोनों देशों के बीच सहमत रोडमैप के अनुसार संचालित होती है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर भारत अपना पक्ष पहले ही बांग्लादेश को बता चुका है और भविष्य की रणनीति तय करते समय सभी संबंधित घटनाक्रमों को ध्यान में रखा जाएगा।
भारत का संदेश साफ
विदेश मंत्रालय के ताजा बयान से स्पष्ट है कि भारत राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय मूल्यों पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। चाहे सिंधु जल संधि का मुद्दा हो, अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन या विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा—सरकार ने हर मोर्चे पर अपना स्पष्ट और दृढ़ रुख दोहराया।



