Hindi newsInternational

US-India Row: पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले बड़ा उलटफेर, भारत को सैन्य कमांड से बाहर कर अमेरिका ने चौंकाया

US Gave shock to India before PM Modi-Trump Meeting: फ्रांस में G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच  द्विपक्षीय मीटिंग होनी है। पीएम मोदी और ट्रंप की मीटिंग से पहले अमेरिका ने भारत को झटका दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन (Pentagon) ने इंडो-पैसिफिक कमांड (Indo-Pacific Command) का नाम बदलकर फिर से यूएस पैसिफिक कमांड (US Pacific Command) कर दिया है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही US सैन्य कमान का नाम US-इंडो पैसिफिक कमान (INDOPACOM) किया गया था। अब वापस इसका नाम पहले वाला कर दिया है। ऑपरेशन सिंदूर, खाड़ी युद्ध, ट्रेड डील में वार्ता को लेकर भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास आ गई है तो अमेरिका ने इसका नाम फिर से बदल दिया है।

दरअसल अमेरिकी सेना की इंडो पैसिफिक कमान का मुख्यालय हवाई द्वीप पर है। इस कमांड की जिम्मेदारी हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक की है। इसी के अंतर्गत अमेरिका की सेवंथ फ्लीट (सातवां बेड़ा) आता है। भारत और अमेरिका के मजबूत संबंध को देखते हुए करीब आठ साल पहले ट्रंप के पहले कार्यकाल में अमेरिका ने इस कमांड का नाम इंडो-पैसिफिक कमांड कर दिया था। बुधवार को इसका नाम फिर से बदलकर पैसिफिक कमांड कर दिया है।

पेंटागन नाम बदलने की जानकारी सोशल मीडिया पर देते हुए कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर ने U.S. पैसिफ़िक कमांड का नाम फिर से रखा है। हवाई — डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर ने आज घोषणा की कि U.S. इंडो-पैसिफ़िक कमांड (USINDOPACOM) आधिकारिक तौर पर अपना नाम बदलकर U.S. पैसिफ़िक कमांड (USPACOM) कर देगा। मूल रूप से 1 जनवरी, 1947 को राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन द्वारा स्थापित, यह कमांड 70 से ज़्यादा सालों तक USPACOM के बैनर तले काम करता रहा, और संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे पुराने और सबसे बड़े लड़ाकू कमांड के रूप में खड़ा रहा।

आगे लिका कि USPACOM के पुराने नाम को फिर से रखना कमांड की गहरी ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान करता है, जो पैसिफ़िक में सेवा करने वाले सभी लोगों के बीच गर्व और सामूहिक भावना को बढ़ावा देता है। WWII के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका से लेकर कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध और अनगिनत मानवीय ऑपरेशनों के दौरान संयुक्त सेनाओं के समन्वय तक, USPACOM नाम के साथ दशकों की सैन्य विरासत और स्थायी क्षेत्रीय साझेदारी जुड़ी हुई है।

USPACOM की ज़िम्मेदारी का बड़ा एरिया—जो यूनाइटेड स्टेट्स के वेस्ट कोस्ट के पानी से लेकर इंडिया के वेस्टर्न बॉर्डर तक फैला हुआ है—बिल्कुल वैसा ही है। कमांड का बेसिक मिशन और रीजनल साथियों और पार्टनर्स के साथ एक फ्री और ओपन थिएटर बनाए रखने का उसका पक्का कमिटमेंट नहीं बदला है

क्यों उठ रहा सवाल?

भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ मिलकर अमेरिका ने QUAD बनाया है, जिसका आधार ही इंडो पैसिफिक को मिलाकर है। ऐसे में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से ‘इंडो’ शब्द हटा देना कई सवाल उठा रहा है। इसका साफ मतलब ये निकल रहा है कि अमेरिका का मुख्य फोकस अब प्रशांत महासागर होगा ना कि हिंद महासागर यानी अब वो सिर्फ और सिर्फ प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में सुरक्षा पर फोकस करेगा।

ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही बदला था नाम

डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही साल 2018 में अमेरिकी सैन्य कमान का नाम U.S. Pacific Command (USPACOM) से U.S. Indo-Pacific Command (INDOPACOM) किया गया था। उस समय तत्कालीन रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा था कि यह भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका और हिंद महासागर-प्रशांत महासागर की जुड़ी हुई सुरक्षा वास्तविकताओं को दर्शाने के लिए किया गया है। हालांकि अब पेंटागन ने इसे फिर से Pacific Command (USPACOM) नाम देने की घोषणा की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button