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दिल्ली में दुनिया के 3 सबसे ताकतवर नेता! BRICS में आ रहे शी जिनपिंग और पुतिन; भारत-चीन संबंधों में बड़े मोड़ की तैयारी

भारत सितंबर 2026 में होने वाले BRICS Summit की मेजबानी करने जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन से पहले सबसे बड़ी चर्चा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा को लेकर है। यदि उनका दौरा तय होता है, तो यह कोविड-19 महामारी और 2020 के गलवान सीमा विवाद के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह सम्मेलन कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

BRICS Summit 2026 में जिनपिंग और पुतिन की मौजूदगी पर नजर

भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सूत्रों के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भी सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है। क्रेमलिन पहले ही उनकी भारत यात्रा के संकेत दे चुका है। BRICS के नए सदस्य ईरान भी सम्मेलन में हिस्सा लेगा, हालांकि तेहरान की ओर से किस स्तर का प्रतिनिधिमंडल आएगा, इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।

SCO Summit से पहले होगी अहम कूटनीतिक मुलाकात

BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले महीने किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है। इस दौरान उनकी रूस, चीन और ईरान के शीर्ष नेताओं से मुलाकात हो सकती है।

यह बैठक अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद SCO देशों की पहली शीर्ष स्तरीय बैठक होगी। ऐसे में क्षेत्रीय सुरक्षा, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत-चीन संबंधों के लिए अहम हो सकता है दौरा

यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो इसे भारत-चीन संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जाएगा। सीमा विवाद और पिछले कुछ वर्षों के तनाव के बावजूद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की संभावित मुलाकात से द्विपक्षीय संवाद को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

पाकिस्तान से भी मिल सकता है पीएम मोदी को निमंत्रण

इसी बीच पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि 2027 में इस्लामाबाद में आयोजित होने वाले SCO Summit के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधिकारिक निमंत्रण भेजा जाएगा। पाकिस्तान सितंबर 2026 से SCO की अध्यक्षता संभालेगा और मेजबान देश होने के नाते सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों एवं सरकार प्रमुखों को आमंत्रित करना उसकी जिम्मेदारी होगी।

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